Search This Blog

Wednesday, June 7, 2017

रोज़ाना : रानी की आएगी फिल्‍म



रोज़ाना
रानी की आएगी फिल्‍म
-अजय ब्रह्मात्‍मज
दो महीने पहले 4 अर्पैल को रानी मुखर्जी की नई फिल्‍म हिचकी की शूटिंग आरंभ हुई थी। दो महीनों के अंदर इसकी शूटिंग पूरी हो गई। 5 जून को यशराज फिल्‍म्‍स ने फिल्‍म की समाप्ति की तस्‍वीर भेजी। रानी मुखर्जी की हिचकी फटाफट पूरी की गई है। उन्‍होंने अपने करिअर में सबसे ज्‍यादा फिल्‍में यशराज फिल्‍म्‍स के साथ ही की हैं। यशराज के साथ 2002 में साथिया से आरंभ हुई उनकी यात्रा मर्दानी तक पहुंची है। हिचकी उनकी अगली फिल्‍म होगी। यशराज बैनर के तहत हिचकी के निर्माता मनीष शर्मा हैं। इस व्‍यवस्‍था के अंतर्गत मनीष शर्मा की यह तीसरी फिल्‍म होगी। इसके पहले वेदम लगा के हईसा और मेरी प्‍यारी बिंदु कर निर्माण कर चुके हैं। इनमें से पहली चली और प्रशंसित हुई थी,दूसरी फिसली और निंदित हुई है।
रानी मुखर्जी का फिल्‍मी करिअर हिंदी में राजा की आएगी बारात से आरंभ हुआ। बीस साल पहले 1997 में आई इस फिल्‍म से रानी मुखर्जी को पहचान मिल गई थी। आमिर खान के साथ गुलाम में आती क्‍या खंडाला गाती हुई वह दर्शकों की प्रिय बनीं और करण जौहर की कुछ कुछ होता है से वह लोकप्रिय अभिनेत्रियों की अगली कतार में आ गईं। फिर तो उन्‍हें पलट कर या ठहर कर नहीं देखना पड़ा। शुरू में अपनी खसखस आवाज की वजह से उन्‍हें आलोचना का शिकार होना पड़ा था। गुलाम में महेश भट्ट ने उनके संवाद किसी और की आवाज में डब करवाए थे। बाद में वही आवाज उनकी खासियत बन गई। उन्‍होंने संजय लीला भंसाली की ब्‍लैक में अद्भुत अभिनय किया था। इसके बाद उनकी कुछ फिल्‍में फ्लाप हुईं। उथल-पुथल के उन सालों में वह फिल्‍मों के चुनाव और अपने अभिनय पर ध्‍यान नहीं दे सकीं। एक अंतराल के आद राजकुमार गुप्‍ता की 2011 में आई नो वन किल्‍ड जेसिका से उनकी वापसी हुई। रानी मुखर्जी ने अप्रैल 2014 में यशराज फिल्‍म्‍स के उत्‍तराधिकरी आदित्‍य चोपड़ा केसाथ शादी कर ली। हिंदी फिल्‍म इंडस्‍ट्री किसी बड़ डायरेक्‍टर या प्रोड्सर से शादी करने के बाद अभिनेत्रियों को फिल्‍मों के ऑफर नहीं मिलते। यही रानी मुखर्जी के साथ भी हुआ।
बहरहाल, रानी मुखर्जी ने तीन साल पहले आई मर्दानी से संकेत दिया था कि वह कायदे की फिल्‍मों में काम करने को तैयार हैं। तीन सालों केबाद उनकी हिचकी आ रही है। हिचकी एक ऐसी लड़की की कहानी है,जो अपनी कमियों को नजरअंदाज कर कुछ पाना चाहती है। किसी भी तरह वह अपना सपना पूरा करनाचाहती है। यह फिल्‍म देश की उन तमाम लड़कियों की कहानी है,जिन्‍हें कमियों की वजह से आगे नहीं आने दिया जाता। जाहिर सी बात है कि रानी मुखर्जी अब साधारण किस्‍म की फिल्‍में करने के लिए मजबूर नहीं हैं,लेकिन किसी फिल्‍म की कामयाबी सिर्फ कलाकार की योग्‍यता पर निर्भर नहीं करती। लेखक,निर्देशक और बाकी टीम ही उसके अभिनय को सार्थक रंग देते हैं। मनीष शर्मा की संवेदना और बोध पर भरोसा किया जा सकता है,लेकिन सिद्धार्थ पी मल्‍होत्रा आश्‍वस्ति नहीं देते। उनकी पिछली फिल्‍म वी आर फैमिली बेअसर रही थी।

No comments: